जनरल हुसैन सलामी ने आईआरजीसी के कमांडरों की 23वीं देश व्यापी मीटिंग में इस बात का उल्लेख करते हुए कि सक्रिय प्रतिरोध की रणनीति ने दुश्मन की इच्छा शक्ति छीन ली है, कहा कि दुश्मन, ऐसे पतन का शिकार हो गए हैं जिससे उनकी वापसी संभव नहीं है और उनके रणनैतिक भंडार समाप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था की साख और शक्ति में वृद्धि होती जा रही है और आज दुश्मन न केवल पिछले भुगोल से पीछे हटता जा रहा है बल्कि ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ उसके आर्थिक प्रतिबंध भी अपना प्रभाव खो चुके हैं। जनरल सलामी ने इस बात पर बल देते हुए कि आज ईरान के पास एक साथ हमले और प्रतिरोध की क्षमता है, कहा कि आज ईरान चाहे जितने बड़े क्षेत्र पर, दुश्मन पर बड़े से बड़ा और अत्यंत सटीक हमला करने की शक्ति रखता है।
इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी के कमांडर ने कहा कि ईरान ने ज़ायोनी शासन को तबाह करने की क्षमता हासिल कर ली है और वह इस शासन को संसार के नक़्शे से मिटा सकता है। इस अवसर पर ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख सैयद इब्राहीम रईसी ने भी इस बात पर बल देते हुए कि आईआरजीसी ने अमरीका के घुसपैठी ड्रोन को मार गिरा कर, संसार के सामने साम्राज्य की खोखली ताक़त की पोल खोल दी है, कहा कि दुश्मन कभी भी, प्रतिरोध की शक्ति के मुक़ाबले में टिक नहीं सकते।